Thursday, July 07, 2011

कसूर





क्या कसूर है मेरा ?

जो तुम मुझे मार देना चाहते हो .....

क्या कसूर है मेरा ?

जो तुम मुझे जागने से पहले ही सुला देना चाहते हो ....

अगर लड़की होना जुर्म है मेरा ....

तो इसमें सारा पापा का दोष है ....

क्या मेरे लड़की होने का माँ तुझे भी अफसोश है ?

याद रखो पापा तुम .....

लड़की न होती तो तुम भी न होते ....

और न ही अपनी जवानी में मम्मी से शादी करने के सपने संजोते .....

अभी भी समय है ... मेरे हत्या मत करवाओ ....

और एक हत्या का पाप अपने सर लगने से बचाओ ....

2 comments: