रुको ...क्या किसी को हराना इतना जरुरी है ?

डियर ज़िन्दगी कैसे हो ?
होप तुम अच्छी ही होगी , आज तुम्हे ख़त लिखने को मन तो नहीं था पर कुछ मौका बन गया | अब तुम सोचोगे कि मौका कैसा ? तो मौका ये थी कि अपनी ज़िन्दगी की गुफ्तगू करने के लिए जो चंद नंबर मेरे पास थे उन्हें जब फोन लगाया तो कई नंबर उठे नहीं , कई नंबर कहीं और गुफ्तगू में व्यस्त थे | तो तब मुझे लगा की छोड़ो यार दूसरों को खुद अपनी ज़िन्दगी से ही बातचीत कर ली जाए |

ज़िन्दगी पता तुम्हें मेरे आसपास के लोग सब भाग रहे हैं , तेज बहुत तेज और भी तेज | पर हर शाम या कहें कि कुछ एक शाम बाद जब उन्हें कहीं पहुँचते नहीं देखता तो मन दुखी होता है | हम सब या तो फिर अपने गुजरे पल का रोना रो रहे होते हैं या फिर अपने आने वाले पल के लिए समेट रहे होते हैं बस इस पल में कोई नहीं रहना चाहता | पिछले साल जब मैं राजस्थान के अम्बेर फोर्ट में लाइट एंड साउंड शो देख रहा था तो मैंने जब बीच में एक बार नज़र उठा कर पीछे देखा तो 80% लोग अपने कैमरे से उस नज़ारे को कैद करने में जुटे पड़े थे | कोई उस वक़्त को अपने आँखों में कैद नहीं कर रहा था , यही तो करते हैं हम |

बोर्ड एग्जाम कुछ जगह ख़त्म हो गये कुछ जगह बाकी हैं | उस के बाद रिजल्ट आएगा और उस के बाद होगा अच्छे कॉलेज में एडमिशन वाला हाई प्रोफाइल ड्रामा | इस के अलावा एंट्रेंस टेस्ट जैसे नीट और आई.आई.टी जी के रिजल्ट भी आयेगें | मेरे लिए सब से ज्यादा कठिन महीने होते हैं मई से लेकर अगस्त तक, क्यूंकि इस में हमारे देश में सुसाइड रेट बहुत बढ़ जाता है | मुझे बहुत बुरा लगता है इस फैक्ट को जब भी मैं बार बार सुनता हूँ कि हमारा देश यूथ सुसाइड में नंबर 1 पर है | किसे दोष दें इन आत्महत्याओं का ? बच्चों को , उन के माँ बाप को या सोसाइटी को ? क्यूँ हम कभी ये नहीं समझ पाते कि किसी भी बड़े कॉलेज में पहुँच जाना ज़िन्दगी का आखिरी लक्ष्य नहीं हो सकता | ज्ञान और अच्छे मार्क्स के बीच में कोई संबंध नहीं है अच्छे मार्क्स लाना एक अच्छी प्लानिंग का नतीजा है न कि अच्छी पढाई का | दुनिया बदलने के लिए अगर अच्छे मार्क्स लाना ही जरुरी होता तो कहाँ हैं सालों साल की मेरिट लिस्ट वाले वो बच्चे ? क्यों गायब हो जाते हैं सिर्फ एक बार स्टार बनने के बाद वो ? मैं अच्छे मार्क्स का विरोध नहीं करता पर मुझे लगता है कि सिर्फ अच्छे मार्क्स लाना ज़िन्दगी की सफलता का सक्सेस मंत्र नहीं है |

मेरा भाई डॉ. है क्यूंकि वो ये चाहता है , मैं डॉ. नहीं हूँ क्यूंकि मैं ये नहीं चाहता | मुझे मजा आता है दुनिया घूमने में, नए नए लोगों से मिलने में, नई नई कहानियां लिखने में, दुनिया भर के युवाओं से मिलने में और मैं इस बात पर बहुत खुश हूँ | कुछ एक दिन पहले मेरी चचेरी छोटी बहिन ने मुझ से एक बात कही, उस ने कहा कि भैय्या मैं जब पूरे परिवार के सामने बड़े भैय्या की रिस्पेक्ट होते देखती हूँ तो मुझे आप के लिए बुरा लगता है , आप को बाहर वाले तो इतना रिस्पेक्ट देते हैं पर परिवार वाले नहीं समझ पाते | मैं चाहती हूँ कि आप इतने बड़े आदमी बन जाओ की आप बड़े भैय्या को हरा दो | उस के सवाल पर मैं उस के मन को पढ़ पा रहा था कि कैसे सोसाइटी का इफ़ेक्ट उस के दिमाग में ये असर पैदा कर रहा है कि वो दो भाइयों को उन के प्यार नहीं बल्कि उन के ओहदे की नज़र से देखे | मैंने उस का जवाब दिया कि ये मेरी ज़िन्दगी है और मैं किसी को हराने या किसी को कुछ दिखाने के लिए नहीं कर रहा हूँ | जो मैं कर रहा हूँ उसे मैंने चुना है और ये मेरी सच्चाई है कोई उस पर क्या सोचता है ये मेरी दिक्कत नहीं है | मैं भाई को कैसे हरा सकता हूँ जब कि हमारे रास्ते ही बिल्कुल अलग अलग हैं, और किसी को हराना ही क्यूँ है ? जब कभी लगे कि तुम भीड़ के साथ साथ भाग रहे हो या तुम्हें किसी को हराना है वो रुक जाओ वहीँ पे सोचो इस बात पे कि क्या किसी को हराना इतना जरुरी है ? अपनी ज़िन्दगी जियो और खुश हो के जियो | सुना होगा न जियो और जीने दो |  
ये ज़िन्दगी मेरी अपनी है,सब की ज़िन्दगी में उतार चढाव चलते रहते हैं और ये उतार चढ़ाव बताते हैं कि हम जिंदा है बस हौसला नहीं खोना है हमें | कोई इंसान या सोसाइटी इतनी ताकतवर नहीं हो सकती कि उस के एक सवाल या आरोप से मेरा पिछला अनुभव सारा धरा का धरा रह जाए | बात करो दुनिया भर में बहुत लोग हैं उस से अलग अलग मुद्दों पर बात करो | उन्हें समझो कैसे उन्होंने खुद और अपने ज्ञान को खड़ा किया है |दूसरे के ज्ञान से घबराओ नहीं , अपनी समझ पैदा करो | खुद के लिए लक्ष्य रखो ,खुद को हराओ तब देखो कि ज़िन्दगी में कैसा नयापन आता है |
बात करो अगर परेशान हो तो , क्यूंकि बात करना बहुत जरुरी है , कहानी लिखो ,कविता लिखो ,फेसबुक पर लिखो,ऑडियो रिकॉर्ड करो , ब्लॉग लिखो कुछ भी हो खुद को जाहिर करो हर हालत में | बस कभी अकेले मत परेशान हो |
आज के लिए बहुत बात हो गयी तुझ से मिलतें हैं फिर जल्दी नए किस्सों के साथ
तुम्हारा
जज्बात ए बिमल      


Comments

  1. Education system ke parti logo ki soch hi esi bann chuki h number aane chahiye. Kese bi aaye

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  2. Zindagi ko jeena aasan hain
    par bas aajkal ye line likhna hi aasan hain
    bahut badhia aur hame call kr lete hum jarur uthate

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  3. Well written! Intense message in the last paragraph.Actually we don't defeat our ego,weaknesses and try to compete with others always.
    Also success should be defined by you for yourself not by any society, friend or family.Be in the moment and love yourself!!

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  4. Well written! Intense message in the last paragraph.Actually we don't defeat our ego,weaknesses and try to compete with others always.
    Also success should be defined by you for yourself not by any society, friend or family.Be in the moment and love yourself!!

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  5. Well written! Intense message in the last paragraph.Actually we don't defeat our ego,weaknesses and try to compete with others always.
    Also success should be defined by you for yourself not by any society, friend or family.Be in the moment and love yourself!!

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  6. True Bimal da.😊..But everything depend on the people's thoughts.
    Compete with your self not others😊

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  7. True Bimal da.😊..But everything depend on the people's thoughts.
    Compete with your self not others😊

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