Posts

Showing posts from 2014

मैं और गाँधी फ़ेलोशिप

Image
हेल्लो दोस्तों
आज मुझे आप के सामने खड़े होने में बड़ा गर्व महसूस हो रहा है और इस की दो वजह हैं एक वजह तो ये कि मुझे हमेशा से ही उन युवा चेहरों से मिलने की इच्छा रहती है जिन के भरोसे कल हमारा देश चलने वाला है मैं बार बार उस उर्जा को महसूस करना चाहता हूँ इस लिए आप सब के बीच आया हूँ और दूसरी वजह कि उस रास्ते के बारें में आप सब को बताना जिस पर मैं चल रहा हूँ और हर बार गौरवान्वित महसूस करता हूँ| मेरे परिचय में मैडम ने आप को बताया कि मैं गाँधी फेलो हूँ जो राजस्थान के स्कूलों में काम कर रहा है |

क्योंकि मैं भी आप जैसे ही कभी स्कूल का छात्र रहा हूँ और स्कूलों में काम भी कर रहा हूँ तो पहला सवाल सब के दिमाग में यही आता है आखिर ये “फेलो” कहते किसे हैं ? और ये काम क्या करता है ?
आप लोग विद्यार्थी हैं और पढ़ रहे हैं और आप के शिक्षक आप को पढ़ा रहे हैं यानि वो नौकरी कर रहे हैं और पढ़ाई और नौकरी के बीच की एक कड़ी होती है जिसे “फ़ेलोशिप” कहा जाता है,यानि एक स्पेशल विषय पर जब पढ़ाई की जाति है और इस पढ़ाई के दौरान आप को कुछ सुविधाएँ भी दी जाती हैं उसे फ़ेलोशिप कहते हैं
 मैं जिस फ़ेलोशिप में हूँ उस का…

मैं वो और हमारा रिश्ता

Image
वो बहुत सुन्दर थी और मैं दूर से सूप की चुस्कियां लेते हुए उसे डी.जे. पर डांस करते हुए देख रहा था, मौका मेरे एक दूर की रिश्तेदार की बेटी की शादी का था| काफी देर से उसे देख रहा था तो शायद उसे इस बात का एहसास हो गया और अचानक हमारी नज़रें मिली और दोनों ने ही नज़रें चुरा ली, मेरा अब उसे छुप छुप के देखने का दौर शुरू हुआ, और मैंने गौर किया कि अब वो भी मुझे देख रही थी| शादी की रश्मे चल रही थी जयमाला हो चुकी थी बाहरी मेहमान खाना खा कर निकल चुके थे| मैं मुंबई से सेमेस्टर ब्रेक में घर आया था तो मम्मी पापा के साथ दिल्ली इस शादी में चला आया, अब दूल्हा दुल्हन के खाने का दौर चला मैंने देखा कि वो लड़की दुल्हन के साथ ही खाना खा रही थी मेरी मौसी की बेटी ने मुझे भी खाना खाने बैठा दिया, और इत्तेफाकन मैं उस के बगल में बैठा और पहली ढंग की सोशली स्माइल हम दोनों ने आपस में पास की| खाना खाने के बाद फेरों की रश्म के लिए अभी वक़्त था तो हम सब दूल्हा दुल्हन की तरफ वाले आपस में बैठ पर मस्ती मार रहे थे कि अचानक मेरा फोन बजा वक़्त तक़रीबन एक बज रहा था, दोस्त का था और उसे कुछ मदद चाहिए थी तो मैं फोन सुनने अल…

किस्से जो मैं समेटना नहीं चाहता

Image